भारत–ओमान मुक्त व्यापार समझौता जल्द होगा साइन, व्यापार और रोजगार में आएगा बड़ा बदलाव

भारत-ओमान free trade agreement समझौता जल्द होगा साइन 

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सरकारी अधिकारियों के अनुसार, भारत और ओमान के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) यानी मुक्त व्यापार समझौता (FTA) बहुत जल्द साइन होने वाला है। पहले जहां इसकी घोषणा में 2–3 महीने का समय लगने का अनुमान था, वहीं अब यह काफी कम समय में पूरी होने की उम्मीद है।

वर्तमान स्थिति – समझौते के ड्राफ्ट का अरबी में अनुवाद हो रहा है। इसके बाद इसका कानूनी परीक्षण (लीगल स्क्रूटनी) किया जाएगा।

अगला कदम – भारत और ओमान, दोनों देशों की कैबिनेट से मंजूरी के बाद इस पर आधिकारिक घोषणा होगी।

व्यापारिक परिदृश्य – वित्त वर्ष 2024–25 में भारत और ओमान का द्विपक्षीय व्यापार 10 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक रहा। इसमें भारत के लिए ओमान से आने वाले प्रमुख आयात पेट्रोलियम उत्पाद और यूरिया हैं।

पहलू विवरण
समझौते का नाम :-  भारत–ओमान व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA)
बातचीत की शुरुआत :-   नवंबर 2023
वर्तमान स्थिति :- अंतिम ड्राफ्ट और कानूनी समीक्षा (अरबी अनुवाद जारी)
घोषणा का समय :- पहले अनुमानित समय से काफी जल्दी
अगला कदम :- दोनों देशों की कैबिनेट की मंजूरी के बाद साइनिंग और घोषणा

1. ये समझौता है क्या?

  • भारत और ओमान एक ऐसा व्यापार समझौता करने जा रहे हैं जिसमें दोनों देश एक-दूसरे के माल और सेवाओं पर लगने वाला टैक्स (कस्टम ड्यूटी) कम या खत्म कर देंगे।

  • इसे CEPA (Comprehensive Economic Partnership Agreement) कहा जाता है।

  • इसमें सिर्फ माल का व्यापार ही नहीं, बल्कि सेवाएँ, निवेश और कई नियम भी शामिल होते हैं।

2. अभी क्या स्थिति है?

  • बातचीत लगभग खत्म हो चुकी है।

  • ड्राफ्ट (मसौदा) तैयार हो चुका है और अभी इसका अरबी भाषा में अनुवाद हो रहा है।

  • इसके बाद कानूनी जांच होगी और फिर दोनों देशों की सरकार (कैबिनेट) से मंजूरी मिलेगी।

  • मंजूरी मिलते ही साइन कर दिया जाएगा।

3. क्यों जरूरी है ये समझौता?

  • ओमान खाड़ी का एक अहम देश है, जो भारत के नज़दीक है और ऊर्जा (तेल-गैस) का बड़ा सप्लायर है।

  • भारत और ओमान का व्यापार सालाना 10 अरब अमेरिकी डॉलर से ज्यादा का है।

  • भारत ओमान से ज्यादातर पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स और यूरिया खरीदता है।

4. किसे फायदा होगा?

  • किसान और फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री – अगर ओमान में भारतीय कृषि और फूड प्रोडक्ट्स पर टैक्स कम हुआ तो एक्सपोर्ट बढ़ेगा।

  • कपड़ा, जूते, चमड़ा, ज्वेलरी बनाने वाले – कम टैक्स की वजह से इनकी चीजें ओमान में सस्ती और ज्यादा बिक सकती हैं।

  • आईटी, हेल्थकेयर, टूरिज्म जैसी सेवाएँ – अगर वीज़ा और सर्विस नियम आसान हुए तो इन सेक्टर को बड़ा फायदा होगा।

  • ऊर्जा सेक्टर – ओमान से तेल और गैस सस्ते में और आसानी से मिल सकेंगे।

5. चुनौतियाँ भी हैं

  • ओमान में “Omanisation” नाम का नियम है, जिसमें स्थानीय लोगों को नौकरी में प्राथमिकता दी जाती है – यह भारतीय कामगारों के लिए मुश्किल बना सकता है।

  • अगर ओमान से सस्ते सामान भारत में आ गए तो कुछ भारतीय उद्योग को नुकसान हो सकता है।

6. आगे क्या होगा?

  • अरबी में अनुवाद और कानूनी जांच पूरी होगी।

  • दोनों देशों की कैबिनेट मंजूरी देगी।

  • औपचारिक साइनिंग और फिर घोषणा होगी।

  • नियम लागू होंगे और कंपनियां नए टैक्स रेट के हिसाब से व्यापार शुरू करेंगी।


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