भारत बनाम इंग्लैंड 5वां टेस्ट 2025: सिराज का कमाल और भारत की रोमांचक जीत
4 अगस्त 2025 को लंदन के द ओवल में भारत और इंग्लैंड के बीच पांचवां और अंतिम टेस्ट मैच एक नाटकीय और ऐतिहासिक समापन के साथ समाप्त हुआ। यह मैच न केवल Anderson-Tendulkar Trophy सीरीज का निर्णायक मुकाबला था, बल्कि टेस्ट क्रिकेट की भावनाओं, रणनीति और रोमांच का एक शानदार प्रदर्शन भी था। भारत ने इस मैच को 6 रन से जीतकर सीरीज को 2-2 से बराबर कर लिया, जिसमें मोहम्मद सिराज की गेंदबाजी और शुभमन गिल की कप्तानी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस ब्लॉग में हम इस रोमांचक टेस्ट के प्रमुख क्षणों, खिलाड़ियों के प्रदर्शन और इसकी ऐतिहासिक अहमियत पर नजर डालेंगे।
👉मैच का एक रोमांचक शुरुआत
पांचवें टेस्ट में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, जो ओवरकास्ट परिस्थितियों में समझदारी भरा निर्णय लग रहा था। भारत की पहली पारी 224 रनों पर सिमट गई, जिसमें गस एटकिंसन ने शानदार 5 विकेट लिए। यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल जैसे प्रमुख बल्लेबाज जल्दी आउट हो गए, लेकिन करुण नायर ने 57 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली। जवाब में, इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में 109/1 का स्कोर बनाकर मजबूत शुरुआत की, जिसमें जैक क्रॉली और बेन डकेट ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की।
दूसरे दिन भारत ने अपनी दूसरी पारी में बेहतर प्रदर्शन किया, जिसमें यशस्वी जायसवाल ने शानदार शतक (100+) और रवींद्र जडेजा (52) व वाशिंगटन सुंदर (53) ने अर्धशतक बनाए। भारत ने 396 रन बनाकर इंग्लैंड को 374 रनों का लक्ष्य दिया। जोश टंग ने दूसरी पारी में 5 विकेट लिए, लेकिन भारत का स्कोर इंग्लैंड के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हुआ।
चौथे दिन का ड्रामा: इंग्लैंड की मजबूत शुरुआत और भारत की वापसी
चौथे दिन इंग्लैंड ने 374 रनों के लक्ष्य का पीछा शुरू किया। जैक क्रॉली और बेन डकेट ने तेज शुरुआत दी, लेकिन दिन के आखिरी ओवर में मोहम्मद सिराज ने क्रॉली को आउट कर भारत को महत्वपूर्ण सफलता दिलाई। इंग्लैंड ने दिन का अंत 50/1 पर किया। इसके बाद, हैरी ब्रूक (111) और जो रूट (105) ने शानदार शतकों के साथ इंग्लैंड को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 195 रनों की साझेदारी की, जिसने भारत को दबाव में ला दिया।
हालांकि, चौथे दिन के अंत में भारत ने शानदार वापसी की। प्रसिद्ध कृष्णा ने रूट और जैकब बेथेल को लगातार नौ गेंदों में आउट किया, जबकि ब्रूक का विकेट आकाश दीप ने लिया। दिन के अंत में खराब रोशनी और बारिश ने खेल को रोक दिया, जब इंग्लैंड 339/6 पर था, और उसे जीत के लिए 35 रनों की जरूरत थी। इस समय भारत को केवल चार विकेट चाहिए थे, लेकिन क्रिस वोक्स के कंधे की चोट ने इंग्लैंड की स्थिति को और जटिल कर दिया।
🪄पांचवां दिन: सिराज का जादू और भारत की जीत
पांचवें दिन का खेल पूरी तरह से टेस्ट क्रिकेट की भावनाओं को दर्शाता था। भारत ने आक्रामक शुरुआत की, और मोहम्मद सिराज ने फिर से अपनी काबिलियत साबित की। उन्होंने दूसरी पारी में 5 विकेट लिए, जिसमें गस एटकिंसन को यॉर्कर पर बोल्ड करना निर्णायक क्षण रहा। इंग्लैंड 367/10 पर ऑलआउट हो गया, और भारत ने 6 रनों से यह रोमांचक मैच जीत लिया। सिराज ने पूरे मैच में 9 विकेट लिए और भारत के लिए नायक बनकर उभरे।
शुभमन गिल की कप्तानी में भारत ने न केवल इस टेस्ट को जीता, बल्कि द ओवल में तीसरी बार टेस्ट जीतने का गौरव भी हासिल किया। इससे पहले अजीत वाडेकर (1971) और विराट कोहली (2021) ने यह उपलब्धि हासिल की थी। गिल ने अपनी रणनीति और शांतचित्त नेतृत्व से सभी को प्रभावित किया।
प्रमुख खिलाड़ी और उनके योगदान
- मोहम्मद सिराज: सिराज इस मैच के हीरो रहे। उनकी दूसरी पारी में 5 विकेट और पूरे मैच में 9 विकेट ने भारत की जीत में निर्णायक भूमिका निभाई। उनकी सटीक यॉर्कर और लगातार अच्छी लाइन-लेंथ ने इंग्लैंड के बल्लेबाजों को परेशान किया।
- शुभमन गिल: कप्तान के रूप में गिल ने शानदार नेतृत्व किया। उनकी रणनीति और अंत तक हार न मानने का जज्बा भारत की जीत का आधार बना।
- यशस्वी जायसवाल: दूसरी पारी में उनका शतक भारत को मजबूत स्थिति में ले गया। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने इंग्लैंड पर दबाव बनाया।
- रवींद्र जडेजा और वाशिंगटन सुंदर: दोनों ऑलराउंडरों ने अर्धशतक बनाकर भारत को दूसरी पारी में सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। जडेजा की यह सीरीज बल्ले से शानदार रही, जिसमें उन्होंने एक शतक और पांच अर्धशतक बनाए।
- हैरी ब्रूक और जो रूट: इंग्लैंड के लिए दोनों ने शानदार शतक बनाए, लेकिन उनकी मेहनत आखिरी क्षणों में बेकार गई। रूट का 39वां टेस्ट शतक ग्राहम थोर्प को समर्पित था, जो एक भावनात्मक क्षण था।
- गस एटकिंसन: इंग्लैंड के तेज गेंदबाज ने पहली पारी में 5 विकेट लिए और पूरे मैच में 8 विकेट हासिल किए, लेकिन भारत की वापसी के सामने उनका प्रयास कम पड़ गया।
ऐतिहासिक संदर्भ
यह जीत भारत के लिए कई मायनों में ऐतिहासिक थी। द ओवल में भारत की यह तीसरी टेस्ट जीत थी, जो भारतीय क्रिकेट के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इसके अलावा, शुभमन गिल इस जीत के साथ उन चुनिंदा भारतीय कप्तानों में शामिल हो गए, जिन्होंने इस प्रतिष्ठित मैदान पर जीत हासिल की। यह सीरीज 2-2 से बराबर रही, जो दोनों टीमों के बीच कड़े मुकाबले को दर्शाता है। Anderson-Tendulkar Trophy का यह संस्करण टेस्ट क्रिकेट के रोमांच और भावनाओं का शानदार उदाहरण रहा।
सीरीज का अवलोकन
इस सीरीज में दोनों टीमें बराबरी पर रहीं। इंग्लैंड ने पहला और तीसरा टेस्ट जीता, जबकि भारत ने दूसरा और पांचवां टेस्ट अपने नाम किया। चौथा टेस्ट ड्रॉ रहा, जिसमें जडेजा और सुंदर के शतकों ने भारत को हार से बचाया। इस सीरीज में कुल 21 शतक लगे, जो एक रिकॉर्ड है, जिसमें भारत के बल्लेबाजों ने 11 शतक बनाए। शुभमन गिल, केएल राहुल, और रवींद्र जडेजा भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे, जबकि जो रूट ने इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा रन बनाए|
👉हाथ से निकला खून, अंपायर ने रोकी गेंदबाजी, फिर जडेजा ने फिरकी से दिखाया कमा
भारत बनाम इंग्लैंड का पांचवां टेस्ट टेस्ट क्रिकेट की खूबसूरती को दर्शाता है। मोहम्मद सिराज की गेंदबाजी, शुभमन गिल की कप्तानी, और भारतीय टीम की जुझारू भावना ने इस मैच को यादगार बना दिया। इंग्लैंड की ओर से हैरी ब्रूक और जो रूट ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन अंतिम क्षणों में भारत की रणनीति और सिराज की आग उगलती गेंदबाजी ने बाजी पलट दी। यह जीत भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए गर्व का क्षण है और टेस्ट क्रिकेट की महत्ता को एक बार फिर साबित करती है।
इसलिए कहते हैं Cricket अनिश्चताओं का खेल हैं |
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