मेटाबॉलिक सिंड्रोम: जानिए क्यों है यह Silent Threat और कैसे बचें?

 

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जानिए "मेटाबॉलिक सिंड्रोम" क्यों है Silent Threat? | Total Health

आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में लोग बाहर से भले ही फिट नज़र आते हों, लेकिन अंदर ही अंदर कई बीमारियों की चपेट में रहते हैं। ऐसी ही एक स्थिति है “मेटाबॉलिक सिंड्रोम (Metabolic Syndrome)”। यह कोई एक बीमारी नहीं बल्कि कई जोखिम कारकों का समूह है, जो शरीर में धीरे-धीरे बढ़ते हैं और बिना शोर किए आपको बड़ी बीमारियों की तरफ धकेलते हैं। इसी वजह से इसे Silent Threat या Silent Killer कहा जाता है।

आइए विस्तार से समझते हैं कि आखिर मेटाबॉलिक सिंड्रोम क्या है, इसके लक्षण, कारण, खतरे और बचाव के उपाय क्या हैं।

मेटाबॉलिक सिंड्रोम क्या है?

मेटाबॉलिक सिंड्रोम एक मेडिकल कंडीशन है जिसमें कई समस्याएँ एक साथ देखने को मिलती हैं, जैसे–

  1. पेट के आसपास ज़्यादा चर्बी (Abdominal Obesity)
  2. हाई ब्लड प्रेशर
  3. ब्लड शुगर का असामान्य स्तर (Insulin Resistance या Pre-diabetes)
  4. ट्राइग्लिसराइड्स (Triglycerides) का स्तर बढ़ जाना
  5. HDL (Good Cholesterol) का स्तर कम होना

👉 अगर किसी व्यक्ति में इनमें से 3 या उससे ज़्यादा समस्याएँ मौजूद हैं, तो उसे मेटाबॉलिक सिंड्रोम कहा जाता है।

क्यों है यह Silent Threat?

मेटाबॉलिक सिंड्रोम को खतरनाक इसलिए माना जाता है क्योंकि यह शुरुआत में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाता। लोग सामान्य जीवन जीते रहते हैं और सोचते हैं कि सब कुछ ठीक है। लेकिन धीरे-धीरे यह स्थिति हार्ट अटैक, स्ट्रोक, डायबिटीज़ और किडनी डिज़ीज़ जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है।

यानी जब तक लोगों को इसका पता चलता है, तब तक शरीर को नुकसान होना शुरू हो जाता है। यही कारण है कि इसे Silent Threat कहा जाता है।

मेटाबॉलिक सिंड्रोम के लक्षण

शुरुआती चरण में इसके कोई सीधे लक्षण नहीं होते, लेकिन धीरे-धीरे कुछ संकेत दिखाई देने लगते हैं:

1. पेट का मोटापा बढ़ना

2. लगातार थकान महसूस होना

3. ब्लड प्रेशर का बढ़ना

4.ब्लड शुगर लेवल का बढ़ना

5. ब्लड टेस्ट में कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स असामान्य आना

6. नींद पूरी होने के बाद भी कमजोरी रहना

किन लोगों को ज्यादा खतरा है?

कुछ समूह ऐसे हैं जिन्हें मेटाबॉलिक सिंड्रोम का खतरा अधिक रहता है:

1. मोटापे से ग्रस्त लोग – खासकर पेट और कमर के आसपास ज्यादा फैट

2. वजन कैसे कम करे (How to lose weight)  यह पढ़े | 
3. 35 साल से अधिक उम्र के लोग
4. परिवार में डायबिटीज़ या हार्ट डिज़ीज़ का इतिहास
5. शारीरिक रूप से कम सक्रिय लोग
6. धूम्रपान और अल्कोहल लेने वाले लोग
7. जंक फूड और प्रोसेस्ड फूड खाने वाले

मेटाबॉलिक सिंड्रोम के कारण

इसके पीछे कई वजहें होती हैं, जैसे:

1. अनियमित जीवनशैली – देर रात सोना, फास्ट फूड, तनाव

2. व्यायाम की कमी – Sedentary lifestyle

3. हाई कैलोरी और हाई फैट डाइट

4. हार्मोनल असंतुलन

5. जेनेटिक फैक्टर – परिवार से मिलने वाला रिस्क

मेटाबॉलिक सिंड्रोम से जुड़ी बड़ी बीमारियाँ

अगर समय रहते इसका इलाज या रोकथाम न की जाए तो यह कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है:

1. टाइप-2 डायबिटीज़

2. हार्ट अटैक और स्ट्रोक

3. हाई ब्लड प्रेशर की समस्या

4. किडनी डिज़ीज़

5. फैटी लिवर डिज़ीज़

6. कैंसर का रिस्क भी बढ़ सकता है

रोकथाम और बचाव - Metabolic Syndrome treatment in Hindi

चूंकि मेटाबॉलिक सिंड्रोम का कोई एक इलाज नहीं है, इसलिए इसे रोकना ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। इसके लिए कुछ ज़रूरी कदम उठाने चाहिए:


A. हेल्दी डाइट लें

1. हरी सब्ज़ियाँ, फल, साबुत अनाज, सलाद ज़्यादा खाएँ।

2. तली-भुनी और प्रोसेस्ड चीज़ें कम करें।

3. मीठा और जंक फूड से दूरी रखें।

B. नियमित व्यायाम

1. रोज़ाना कम से कम 30 मिनट वॉक करें।

2. योग और ध्यान से तनाव कम करें।

3. जिम या घरेलू एक्सरसाइज से वजन नियंत्रित रखें।

C. नियमित हेल्थ चेकअप

1. ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल और बीपी की जांच कराते रहें।

2. किसी भी गड़बड़ी पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

D. बुरी आदतों से दूरी

1. धूम्रपान और शराब पूरी तरह छोड़ें।

2. पर्याप्त नींद लें और तनाव कम करें।

मेटाबॉलिक सिंड्रोम कोई एक बीमारी नहीं है बल्कि यह कई बीमारियों की शुरुआत है। यह धीरे-धीरे और बिना किसी लक्षण के बढ़ता है, इसलिए इसे Silent Threat कहा जाता है। समय रहते अगर हम अपनी जीवनशैली में बदलाव कर लें, तो इससे जुड़ी गंभीर बीमारियों को रोका जा सकता है।

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